Sunday, October 11, 2009

हिंदुस्तान हिजडो की फौज ??? !!!!!!!!


बहुत ही मजबूरी में इस शब्द का इस्तेमाल करना पड़ा बहुत सोचा की कोई और शब्द मिल जाये परन्तु अब हिजडे है तो क्या किया जाय. कई कारण है इस शब्द के इस्तेमाल के परन्तु दुःख इस बात का है की कहीं वास्तव में हम
हिजडो के सरताज देश बन कर अपने ऊपर गर्व ही न करने लगजाये.


  • मुझे गुस्सा और दुःख इस बात पर आता है दिल्ली जैसे शहर में लूट मार होने पर या बलात्कार या कुछ भी गलत होने पर यह मर्द लोग मीडिया के आगे रोने क्यों लग जाते है. और वो भी किस मीडिया के जिसने की हिजडो की फौज बनाने की सुपारी ली हुई है. मुझे कुछ दिन पहले रांची के एक इंस्पेक्टर के बेटे का बयान सोचने पर मजबूर करता है की हमारा समाज कितना नपुंसक है. वो १० साल का लड़का अपने बाप की माओवादियो द्वारा सर कलम करने के दुःख की अभिव्यक्ति कर रहा था की ओ माओवादियो जिस तरह से तुमने मेरे बाप को मारा है मैं भी तुम्हे मारूंगा. मुझे नहीं पता उसके बाद क्या हुआ परन्तु आंसू मेरे आँख में झलक गए की अब दिन यह आगया की एक दस साल का बच्चा भी इस समाज की क्रूरता से ताव खा गया. यह उस झारखण्ड का हाल है जिसमे सोनिया गाँधी की कांग्रेस और लालू की भड़वो ने झारखण्ड में भ्रष्टाचार का नग्न नृत्य किया है. जहाँ का मुस्लिम राज्यपाल भ्रष्टाचार के जोहोड (तालाब) में ठट्टा लगा कर गया है. उस झारखण्ड में कोई माई का लाल मानवाधिकार का रखवाला या इस देशभक्ति का ढोंग रचने वाला वहा पहुँच कर उस बच्चे को कोई सांत्वना देकर आया हो. अरे हिजडो अपनी ही दिल्ली में तुमने उस मोहन शर्मा इंस्पेक्टर के बच्चो का हाल चाल न जाना. तो झारखण्ड क्या जाओगे.

  • हरियाणा को नम्बर बनाने वाले ओ लम्बरदारो अपनी झक सफ़ेद पगडियो पर एंठा मत दो कई हजार आदमी इस दिल्ली के नीचे गुडगाव के हीरोहोंडा में बर्बरता से पिटे थे पर है कोई मीडिया में शेर का बच्चा जो आज चुनाव के समय उस पीडा को दोराहे. नहीं कोई नहीं करेगा वो पीटने वाले भी नहीं क्योंकि नोटों ने उनका और मीडिया दोनों का मुह बंद कर रखा है. और अपनी मर्दांगनी पीटने वाले कांग्रेस्सियो ने भी १० जनपथ पर गिरवी रख रखी है. क्यों देश के मजदूरों का ठेका लेने वाले कोमुनिस्ट चुप है. क्यों कारत एंड कंपनी चुप है कहाँ छुप गये ए बी वर्धन. कोई नहीं जो वोटो के मैदान में चुपके से भी विरोध दिखाय सीमा पर दुश्मन के सामने बन्दूक तो क्या दिखाओगे.

  • वो चीन रोज थोडी थोडी पैंट नीचे उतार रहा है और देश के नौजवान सेम्लेंगिगता पर भाषण पिला रहा है. ओ सेम्लिंगिकता के पेरोकारो कैसे चीन का मुकाबला करोगे. या उसके लिए कोई बोबी डौल दूंढ रखी है. तुम दिल्ली में हुए छोटे से अत्याचार पर तो एन डी टीवी के पास रोने आजाते हो चीन के अत्याचार पर क्या कर रहे हो. हरियाणा के नेताओ के दोस्तों सफ़ेद पहेने कपड़ो पर मत जाओ. कुछ एक दिन के है सब जमीन बेच कर नेता हुए है और १० साल बाद वो ही होगा जो अंदमान निकोबार के आदिवासियो का हुआ है. फिर देखते है किसे नंबर वन हरियाणा बनाया जायेगा. अरे भाई खेती की बात करो. हरियाणा की मट्टी की बात करो. उस दूध और दही की बाते करो जिसमें की हरियाणा नंबर वन था. आज दीवाली पर हरियाणा में ही कई लाख टन मावा नकली और यूरिया का दूध मिलता है. और तुम हो की बावले पिल्लै के तरह हरियाणा नंबर वन बता रहे हो.

  • महाराष्ट्र छत्रपति शिवाजी की धरती पर बोलीवुड की हिजडे कह रहे है की कांग्रेस को वोट दो. अरे क्यूँ तो मीडिया में बैठा पत्रकार तुंरत शिवसेना से पूछता है की आपको जनता वोट क्यों दे. अरे मैं बताता हूँ इसलिय वोट दे की १० साल में दलालों ने झारखण्ड की ही तरह महाराष्ट्र को भिखारी बना दिया. हिंदुत्व की आड़ में शिव सेना में छिपे कोंकण के बहरूपिया ने हिंदुत्व के साथ दगा की है. उस बूढे बाल ठाकरे की जवानी की पूंजी लूटकर कांग्रेस के हाथो में रख डी. अरे येही तो शिवाजी के साथ अफजल खान ने किया था. आज वो भतीजा भी अलग होगया जिसको अपने चाचा की बुढापे की लाठी बनाना था. अरे भतीजे जी इतनी उम्र पड़ी है फिर कभी अपनी अकड़ दिखा लेते अभी अपने अपने झंडे को किसी के कहेने पर सेकुलर रंग देदिया और करने चाचा की नक़ल अरे उस चाचा का हिंदुत्व का नारा तो अपने उठा कर (किसी) के कहने पर ताक पर रख दिया. अरे कुछ तो सब्र करते अब तो अनिल और मुकेश भी साथ हो रहे है. उस कांग्रेस के कहेने पर महराष्ट्र का बंटाधार मत करो जिसने हिंदुत्व की रहा पर पुरे भारतवर्ष को रहा दिखाई है.

  • आज केंद्र में कितने मंत्री है जो देश का परतिनिधित्व करते है. मुझे सिर्फ एक उत्तर देदो इटली से आई एक स्त्री, ४० साल हिन्दुस्तान से बहार वर्ल्ड बैंक में काम करने वाला एक प्रधानमंत्री, देश से बहार शादी करे (हलाकि व्यक्तिगत मामला हो सकता है) और वर्षो सयुंक्त राष्ट्र में नौकरी करने वाला एक विदेश मंत्री जो देश पर कम टिऊटर पर ज्यादा चेह्कता हो एक ही बार देश में आया पहेली ही बार राजनीती में आया, पहेली ही बार में सांसद का टिकेट मिलगया वो भी १८० साल पुराणी राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस से, पहेली ही बार में सांसद बन गया (जैसे की अमिताभ की तरह हो) पहेली ही बार में विदेश मंत्रालय जैसा बड़ा और गंभीर मंत्रालय में मत्री बन गया. और हर बहुत जरुरी राष्ट्र से जुडी बातो पर गैर जरुरी बयाना देता हो. आपको आश्चर्य नहीं होता मुझे भी नहीं क्योंकि हम हिजडे होगे है और देश की चिंता हमे करनी भी नहीं. एक घटना का जिक्र भी करना चाहूँगा अभी हाल में चीन में पता चला की वाहं पर शेर की हडियों का बहुतायत में भोजन और औषदी के रूप में प्रयोग होता तो चीनी लोग शेरो को इतना कमजोर कर देते है की वो बिल्ली भी अपने सामने देख कर डर जाता है जैसे की हम कसाब और अफजल को देख कर. दोस्तों यह तो हिजडे बनने की तरफ शुरुवात है आगे आगे देखना आपके पुत्र लड़कियो के सामने भी जाने से शर्मा जायेंगे. आप आजकल देखते नहीं अभी धारावाहिकों पिक्चरों में बोबी डौल नामक एक चरित्र शामिल हो ही गया. अमिताभ के बिग बोस जो कलर टीवी से आ रहा है एक चरित्र एसा ही है. धीरे धीरे ये मीडिया और बोलीवुड मर्द को नामर्द (हिजडा) और स्त्री को सड़क पर नंगा कर रहा है. आप अभी भी इस गंभीर संकट को नहीं समझे जो एक षड़यंत्र के तहत मीडिया को मोहरा बना कर हमारे खिलाफ चला जा रहा है. इस का उद्धरण भी देता हूँ जिस से आपकी आंखे खुले, देखो आपका बेटा अब गाय से ही डर जाता है, दिवाली पर पटाखों से डर जाता है, लड़कियां गणित और विज्ञानं में ध्यान नहीं दे रही आईटम सोंग में ध्यान दे रही है. अरे छोडो यार आगे बोला तो बुरा मान जायोगे. अपने धरमेंदर, सन्नी द्योअल जैसे मर्दानगी के आइकोन भी शाहरुख़ जैसे हिजडे कलाकार के सामने धक्खे खा रहे है.


  • अच्छा दोस्तों अरुणाचल का तो क्या जिक्र करू वहा तो अपने राष्ट्रवादी रिजुजी बीजेपी के एकमात्र संसद ने भी कांग्रेस की शरण पाई पता नहीं क्यों. वहो तो दल बदल हो ही गया. पर महाराष्ट्र में बूढे शेर का ध्यान रखना न रखना अब आपके हाथ में है हरियाणा में तो पैसे का ही इतना बड़ा दाव लगा हैं की हिन्दू की बात करना ही पाप है टाटा सफारी और स्कार्पियो के जाने के बाद सिर्फ मुह पर से धुल ही पहुंची जा सकती है तब तक नेता लोग चुनाव का ढोंग करते रहे अपने बच्चो को हमारे जैसे हिजडो के ऊपर थोपते रहे और हमे तो मीडिया ने माया सभ्यता के कलांडर से ही डर दिए गाय बिना जाने की इस कलयुग की आयु ४० हजार वर्ष है और अभी ५००० ही हुए है. अभी विष्णु के दशवे अवतार कल्कि ने आना है. अंत तो उनका होना है जिन्होंने अपनी कुरान में इसका जिक्र किया है.


बाकी क्या महंगाई तो है ही नहीं सो इस दीवाली पर खूब खीर पूरी खाओ और हाँ त्याग की मूर्ति को उप्रोलिखित सभी कृत्यों के लिया आप दीपावली की शुभकामनाये देंगे या क्रिसमस का इंतजार करेंगे?