Thursday, March 24, 2011

नरेंद्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री क्यूँ बनना चाहिए ????????????????


  • देखो मित्रो न तो मुझे किसी की तारीफ में कसीदे पढने का शौंक है और न ही किसी को भरमाने का. परन्तु समकालीन राजनीती में बड़ा प्रशन है की ऐसी क्या बात है जो नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनना चाहिए और क्यूँ उनका बनना जरुरी है.
इस प्रशन का उत्तर जानने से पहेले कुछ और भी जान लेते है. 
  • देश के ऊपर महाभ्रष्टाचारी सुप्रीम कोर्ट का जज बालकृष्णन जैसा व्यक्ति थोपने का क्या अर्थ है ? इस एक व्यक्ति की वजेह से देश के कितने लोग पीड़ित हुएइस व्यक्ति के द्वारा कितने गंम्भीर निर्णय हुए और आज जब सच सबके सामने है तो क्यूँ नहीं उनके द्वारा किये गए निर्णयों पर मीडिया भी टेडी नजर नहीं कर रहा है. बहुत से एसे कानून इस दागदार व्यक्ति की अध्यक्षता में हुए है इसका भी संज्ञान लेना जरुरी है. 
  • हमे मालूम है की इस देश और उसकी सरकार को  पिछले ६ सालो से एक अंतरराष्ट्रीय गेंग अपने स्वार्थो के लिए चला रहा है. और इस देश का हर वासी एक बात अपने कान खोल कर सुन ले की तुम्हारा भी कब पकिस्तान बन जाये कोई भरोसा नहीं. इस देश को वो लोग चला रहे है जिसे आम आदमी से कोई वास्ता नहीं हैमुझे इस सरकार की पिछले ६ साल की हरकत देख कर "मर्द" (अमिताभ बच्चन फेम) पिक्चर की याद आ रही है जब अमिताभ बच्चन का हमशकल दारा सिंह के सामने बेचारे गरीब हिन्दुस्तानियो के शरीर में से इंजेक्शन से खून निकालते हुए कहता है की जब इन लोगो से हम पूरा काम ले चुके होते है और जब यह किसी भी काम के नहीं रहेते तो हम इनके शारीर से तब तक इंजेक्शन से खून निकालते है जब तो वो मर न जाये और फिर इस खून का व्यापार करते है. 
  • बस यह सरकार भी यह ही कर रही हैकिसानो की जमीने जबरदस्ती बिकवाईउनको एक अँधेरी खाई में गिरा दियाआम शहरी इस बढती महंगाई में तड़प तड़प कर दम तोड़ रहा हैहस्पतालो में इलाज इतना महंगा हो गया की किसीके बसकी ही नहीं है उसे करानाकिसान खेती नहीं कर सकता - बीजमशीनखाद इतने महंगे हो चुके है ऊपर से फसल का समर्थन मूल्य नगण्य हैइतने पर भी सरकार का पेट नहीं भर रहा उस पर टेक्स की मार. तकलीफ येही पर नहीं रूकती यह टेक्स के रूप में जो पैसा हम हिन्दुस्तानियो से लिया जा रहा है उस को या तो भ्रष्टाचार में लुटाया जा रहा है या फिर नेतानौकरशाह अपने ही बेटो बेटियो को सरकारी काम दिला रहे है या दलाली का पैसा उनको बाँट रहे है. हमारे खून पसीने के पैसे से इन लोगो के कुत्ते खा खा उलटी कर रहे है है और हम लोग अपने पेट पर कपडा बाँध घूम रहे है ताकि भूख न लगे. 
  • वैसे तो पिछले ६० सालो में सरकार ने हिन्दू देश के हिन्दुस्तानियो की जमीर की नसबंदी ही की हैइस देश में जो लोग १-२ करोड़ की कारो में घूम रहे है उनके द्वारा पैसा कैसे कमाया जाता है यह देश जानना चाहता है. जानना चाहता है की हसन अली कैसे बना जाता है, जानना चाहता है की हिंदुस्तान में हजारो सोनिया गाँधी जी की तरह स्त्री है परन्तु ऐसा क्या है जो सोनिया जी की तरह वो सर्वशक्तिमान नहीं बन पाती है.
  • मित्रो, कल का दिन (२३ मार्च, २०११) इतिहास में दर्ज होने वाला दिन था. इस दिन हिंदुस्तान की राजनीती के वो समकालीन चेहरे तार तार हुए जिनको अभी कुछ महीने पहले सर्वशक्तिमान मान लिया गया था. कल राजनीती का जोकर अमर सिंह बड़ा ही दया का पात्र नजर आया, टाइम्स नाऊ पर लडखडाती जुबान, कांपते हाथ, लरजती टांगे, लाल चेहरा अमर सिंह की स्थिति को बयां कर रही थी. मुझे बड़े अच्छे से याद है जब सप्रंग(१) की सरकार ने संसद में विश्वाश मत प्राप्त किया था तो इंडिया टुडे के अगले अंक में अमर सिंह को देश का सर्वशक्तिमान व्यक्ति बता कर (लिंक) तारीफ वो कसीदे पढ़े गए थे जिनको पढ़कर बड़े से बड़ा राजनीतिज्ञ भी अश अश कर उठे. परन्तु ऐसा आज क्या होगया की चेहरे की वो कुटिल मुस्कान गायब थी हर किसी को चित कर देने वाली भाषा टीवी पर नदारद थी अंग्रेजी के शब्द भी पाताल में से निकालने पड़ रहे थे. मित्रो इसी को कहते है औकात, समय ने अपना चक्र चला तो कहाँ से कहाँ बिना किसी वजूद के पौहुंच गया था. अब वापस धरातल पर है, परन्तु जिसे यूज करना था कर लिया और वो आज भी दो ऊँगली उठाये सिंह इस किंग बन कर नाच रहा है. परन्तु उसको भी कहे देता हु की जो हालत अमर सिंह जी की आज है और जिसका जिमेदार मनानिये प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह जी भी उसी हालत में बहुत जल्द आने वाले है (पाठक इसे नोट कर ले) बिना वजूद के यदि आप को सब कुछ मिल रहा है तो समझ लो की कुछ गलत जरुर है, अरे न तो तुम्हारे बाप दादा राजनीतिज्ञ थे, न तुमने कोई ऐसे पढाई पढ़ी है न ही कोई तुम्हे अनुभव है और तुम भारत जैसे विशाल देश के भाग्यविधाता बनने का दावा करते हो. मित्रो यदि इस भावना का कोई भी आदमी है तो उसका अंत निकट है क्यूंकि वो स्वार्थी ताकते कब हाथ खीच ले कुछ नहीं पता. सरदार मनमोहन सिंह जी आपको निश्चित रूप से आप के शासन काल में घटित सभी पापो का जवाब देना होगा और जैसे आज अमर सिंह जी के पास कोई नहीं खड़ा कल आपके पास कोई नहीं होगा. 
  • राजीनीतिक लोगो से हट कर ऐसे दुसरे शख्स का जिक्र करते है जो कल (२३ मार्च) को अमर सिंह जी ही की अवस्था में था वो थे श्री राजदीप सरदेसाई जी. वास्तव में तो मैं उनके टेलेंट का बहुत ही बड़ा प्रसंशक हु. उनकी व्यक्तिगत प्रतिभा वास्तव में काबिलेतारीफ है. परन्तु उनको भी कांग्रेसियो ने मोहरा बनाया जैसे की अमर सिंह जी को और अकेले दुःख भोगने को छोड़ दिया. राजदीप जी भी इस लोकतंत्र के ढोंग में फंस गए. एक पत्रकार के रोल में नोट फॉर वोट का स्टिंग ओपरेशन कर तो दिया परन्तु एक बिजिनेसमेन  होने के नाते गच्चा खागए, और न तीन में न तेरह में रहे. न माया ही मिली न राम ही, न पत्रकार ही रहे और न बिजनेस मेन ही. अरे मित्रो आपको भी सोचना चाहिए जिस विदेशी शक्ति ने सरकार के लिए सांसद खरीदने में कोताही नहीं बरती, जिसने  हर संभव कोशिश की सप्रंग (प्रथम) की सरकार बचाने की तो क्या वो मीडिया को नहीं मेनेज कर लेगी, और वो भी उस सी. एन. एन. आइ. बी. एन. जैसे को जिसके की तार सीधे ही अमरीका की अपनी न्यूज़ चैनल सी एन एन से जुढ़े हो. यार आप भी कमाल करते हो. अच्छा भाई थोड़ी सी हंसी तो बीजेपी के भोले नेताओ पर भी आती है जो अपनी भलेमनासता और नई नई दोस्ती के चक्कर में एक नए नए बिजनेस मेन जो अभी पत्रकार से बना है के चक्कर में फंस गए, अब अमेरिका इतना भी बेवकूफ नहीं जो इस छोटे से स्टिंग को न पकड़ सके और इसका न रोक्सकने का मद्दा रखता हो. मनमोहन सिंह जी को बेवकूफ और मुर्ख मानने वालो की इस देश में कमी नहीं है परन्तु जो मनमोहन सिंह जी को ऐसा सोचता है वो खुद भी भ्रम में है, जो आदमी बिना पावर के १० साल तक भारत जैसे देश का राज संभाल रहा हो (दोनों टर्म का) उसके तो कहेने ही क्या. राजदीप जी पर बड़ा ही तरस आ रहा था क्यूंकि उनकी और उनके चेनल की संसद के दोनों सदनों में मनानिये श्री कपिल सिबल जी ने लोकसभा और मनानिये श्री चिताम्बरम जी ने राज्य सभा में जो बखिया उधेडी उससे तो केवल यह ही साबित होता है की मनमोहन सिंह जी और उनके गैंग के सामने आज जो भी आएगा उसको तो हर हालत में निपटना ही होगा.
  • राजदीप जी सायं अपने चैनल पर खुद को छला हुआ ही मान रहे थे उसपर भी अभिषेक सिंघवी मजे ले ले कर नमक रगड़ रहे थे. आज राजदीप को पता चल गया होगा की राजनीती की गंदगी किस स्तर की होती है. आज एक ही बात को याद कर कर के खुंदक निकल रही होगी की  काश उसने कांग्रेस के भेडियो की बात न मान कर संसद वंसद की चक्कर में न पड़कर यदि टीवी पर वो टेप चला दी होती तो कम से कम पत्रकार बिरादरी में नाक तो न कटती, टाइम्स नाऊ का एक पत्रकार श्री अर्नभ गोस्वामी उसके मजे तो न ले रहा होता. खैर राजदीप जी आज से एक सबक तो सीख ही लो की ये कांग्रेसी अपने बाप के नहीं तो तुम्हारे कैसे होंगे, दूसरा सबक आज तक वालो के लिए है, बड़ी ही विडंबना है की अपने को नम्बर वन कहेते कहेते उसके जीभ में छाले पड़ जाते है परन्तु देश की संसद में इतनी बड़ी बेहेस चल रही है और उसके प्राइम टाइम में देश के राजनीती के बारे में कोई न्यूज़ ही नहीं है, हमने सोचा था की एम् जे अकबर जी के आने पर यह चैनल कम से कम पोलिटिकल करेक्ट तो हो ही जायेगा क्यूंकि प्रभु चावला जी ने सीधी बात ऐसे ऐसे भांड और फ़िल्मी लोगो से की, की लोग ही पूछने लगे की आजतक न्यूज़ चैनल है की भांड चैनल, पता नहीं अकबर जी कांग्रेस सरकार से क्यूँ डरे डरे से घूम रहे है जो मैन स्ट्रीम के चैनल को क्रिकिटिया चैनल बनने पर तुले है, कम से कम अपने पत्रकार होने का धर्म तो वो भी निभा सकते है. 
  • तीसरे आते है पूर्व जन्म के पाप टैप एन डी टीवी चैनल पर, खैर थोडा सा प्रणव रॉय ने पाला बदलने या कहे की पत्रकारिता की गहरी छिपी ललक ने असान्जे का इंटरविउ करने के लिए प्ररित किया या कुछ और हुआ परन्तु अपनी कांग्रेस-वाम-सरकार (त्रिमूर्ति गैंग) से अल्हेदा जा कर कुछ ठीक करने की कौशिश की. राजदीप जी प्रणय रॉय से चाल बदलना सीख सकते है. परन्तु यहाँ एन डी टीवी पर भी एक अपने ही किसम का वामपंथी भांड बैठा है जिसने कम से कम इस जनम में तो बीजेपी व् संघ परिवार के विरुद्ध ख़म ठोखने की सुपारी ले ही रखी है, इस विनोद दुआ को हम नॅशनल चैनल के १० बजे वाले "परख" प्रोग्राम से लेकर सहारा वन से धकियाने से लेकर एन डी टीवी तक देख ही रहे है, खबर कोई भी हो उसने एक ही चश्मा पेहेन रखा है की कैसे संघ या बीजेपी के विरुद्ध दिखाना है. मेरी नजर में इस से ज्यादा दोयम दर्जे का, स्वार्थी और एक पक्षिये पत्रकारिता मेने भी नहीं देखी है. अच्छा कांग्रेसी अंधी रेवेडी "पदम् श्री" मिलने के बाद तो सरकार-कांग्रेसी-वाम पिपनी निर्विरोध बज ही रही है.
  • मीडिया में अंत में लेते है तरुण भाई तेजपाल को और इसकी तहलका पत्रिका को इस दुनिया में जब जब भांड पत्रिकारिता और नीच प्रवर्ती के येल्लो जर्नलिजम की बात होगी तब तब तरुण जी भाई तेजपाल का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जायेगा. कांग्रेस का हाथ किसी के साथ हो न हो पर तरुण तेजपाल की तेहेल्का का हाथ कांग्रेस के साथ हर बार, बार बार जरुर होगा. यह पत्रिका खड़ी ही कांग्रेस सरकार के हर पाप को धोने के लिए है. कल टीवी पर तरुण तेजपाल जी स्वम नहीं आये एक निचले पत्रकार को टीवी पर कल आगे किया अपनी करतूत छुपाने के लिए, खैर हमे पता है तरुण तेजपाल जी का ब्लड प्रेशर सामान्य जो नहीं रहे पता इसिलिय वो टीवी पर नहीं आये नहीं तो कल ही उनकी मक्कारी और झूट की पोल खुल जाती, वैसे हमारी अलोक भाई महेता जी ने भी अपना कांग्रेसी धर्म निभानी की पूरी कोशिश करते हुए ठीक प्रधानमंत्री के विशेष हनन प्रस्ताव के दिन उनकी पत्रिका ने भी टाटा के साथ अरुण शौरी जी के समय की एक डील को खड़ा करने की नाकाम कौशिश की थी. परन्तु टाटा से डर कर किसी भी कांग्रसी वक्ता ने संसद के दोनों सदनों में इस पर कुछ नहीं बोला. आखिर भाई टाटा को बीजेपी में जाने से भी तो कांग्रेस को रोकना होगा वैसे ही पिछले टेप काण्ड में कांग्रेस के अपने ही कुछ आदमी थे.
  • तो मित्रो यह तो थी मीडिया की बाते जो बीजेपी की समझ में भी कम ही आती है, बीजेपी से मेरा बड़ा नम्र निवेदन है जब मुकाबला करना है तो ढंग से कर कम से कम टीवी पर प्रवक्ता जरा मजबूत बिठाओ, मैं  श्री राजीव प्रताप रूडी जी का पूरा आदर करता हूँ परन्तु अभी उन्हें बहुत प्रेक्टिस करने है इसलिए कल तो कम से कम रवि शंकर जी, सीता रमण जी, शेषाद्री जी या स्वम जेटली जी को ही आना था. मेरा बड़े विनम्रता से बीजेपी से निवेदन ही कृपया करके प्रवक्ता का चयन दुबारा से किया जाये और ठीक के मीडिया हॉउस में ट्रेनिंग भी दिलवाई जाये, उमीद है मेरे बीजेपी के वर्तमान प्रवक्ता मेरी इस बात को अन्यथा नहीं लेंगे. इस सरकारी, संसदिये और दिल्ली के बोझिले वातावरण ने हमसे राष्ट्रीय मामलो के प्रखर पत्रकार श्री तरुण विजय जी को भी ढांप लिया अन्यथा वो है जो कांग्रेसी और मीडिया के कुतर्को की कल धजिया उड़ा देते. 
                  • बीजेपी एक बात गाँठ बाँध ले की न तो अकेले रवि शंकर जी पर निर्भर रहा जा सकता और नए प्रवक्ता भर्ती ही करने होंगे और उनको ट्रेनिंग जरुर ही देनी होगी अन्यथा कल का ही मामला लेलो बीजेपी कहा तो कांग्रेस को केश फॉर वोट के लिए कांग्रेस को कटघेरे में खड़ी करती और कहा पर स्वम स्टिंग ओपेराशन के चक्कर में फंस गई. यह पर तो बेधड़क, यश अपयश से दूर, प्रखर, अंग्रेजी और हिंदी में परांगत, राष्ट्रीय विचारो से ओतप्रोत, विद्वान, धाराप्रवाह बोलने वाला, पढने लिखने वाला विद्वान, साहसिक व्यक्तियों की फ़ौज चाहिए. अभी से ढूंडना शुरू कर देना चाहिए.
  • खैर अब आते है असल मुद्दे श्री नरेंद्र भाई मोदी जी पर, असल में देश को यदि सही में सुपर पावर बनाना है तो दुसरे देशो की आखों में आंखे डाल कर बात करने वाला साहसिक नेता होना चाहिए. आज देश के पटल पर एक ही नेता श्री नरेंद्र भाई मोदी जैसा है जो राष्ट्रिय चरित्र और विकास दोनों की बात एक साथ कर सकता है. 
  • जिस में ओज और राष्ट्रवाद की प्रखरता साथ साथ दिखती है. 
  • जिस में अटक से लेकर कटक और कश्मीर से कन्याकुमारी तक लोगो को आकर्षित करने की क्षमता है.
  • जिसकी कथनी और करनी में अंतर नहीं.
  • जिसने जो कहा वो कर कर दिखाया
  • जिसने एक राज्य की भूत, वर्तमान और भविष्य को बदल कर रख दिया.
  • जो आज वैश्वीकरण के समय में व्यापारियो का भी चहेता है.
  • जो विकास को भी गति दे सकता है.
  • जो राष्ट्र की आत्मा "हिन्दू " की बात करते हुए अलाप्संख्यक की रक्षा भी करता हो.
  • जो सच को सच कहने के ताकत रखता हो.
  • जो धाराओ के प्रतिकूल बहकर भी निर्भय और निडर होकर देश और प्रदेश को उसके उचित स्थान पर पहुंचाता हो.
  • जिसने पिछले दस वर्षो में मीडिया और केंद्र सरकार के सारे छल प्रपंच से बहार निकल कर अपनी इमानदार और प्रगतिशीलता की हुंकार भरी हो. 
  • आदरनिये श्री बाल ठाकरे जी की आलावा एक श्री मोदी जी है जो कहेते है वो कह देते है वो कर दिखा देते है. 
  • मित्रो उप्रोलिखित सभी बाते सत्य है असल में सप्रंग की यह दो सरकारे देख कर ऐसा लगता है की हिंदुस्तान बिना राज के भी चल सकता है, आज इतने अत्यचार महंगाई और भ्रष्टाचार के बाद भी कहीं कोई क्रांति का जिक्र नहीं इसका मतलब तो है की इस देश में कोई कुछ भी कर ले ऐसे तो चलता रहेगा ही परन्तु यदि इस सच में महाशक्ति बनाना है तो फिर राष्ट्रिय नेता ऐसा ही चाहिए जो चीन की नेताओ से भी आँखों में आंखे डाल कर बात करे, यहाँ तो अभी वो नेता नहीं वो तो बस जी हजुरी ही करना जानते है. दोनो हाथो में पैसे पकडे हुए है और अपने पायजामे को बिना नाड़े के कोहोनियो से ही बस पकडे है. दुसरे देशो के आदेश को हमारे अपने ऊपर थोपने को ही सरकार चलाना मानते है. ऐसे तो चल ही रही है फिर नरेंदर भाई की जरुरत नहीं है, जरुरत है देश के बच्चे बच्चे में यह भाव भरने की हर भारतीय स्वाभिमानी और शक्तिशाली है. क्या नरेंद्र भाई के आलावा कोई और है आज के परिपेक्ष में जो यह कर सके.
  • दूसरा बीजेपी को अपने अन्दर से युवा नेत्रत्व भी नरेंद्र भाई जैसा ही निकालना होगा किसी मंत्री-संत्री का बेटा नहीं चाहिए. युवा बीजेपी का नेत्रत्व कर सके वो उर्जावान, सहससी व्यक्ति चाहिए. इसके लिए हमे गुजरात का उधाहरण याद रखना होगा, जब मोदी जी गए थे तो क्या थे वो परन्तु अपने सहास और उर्जा से आज भारत के महानतम नेताओ में है, मैं बाकी के नेताओ का अपमान करने का दुस्हास नहीं कर रहा हूँ, बीजेपी में एक से एक विद्द्वान नेता है परन्तु उन्हें समय ने इतना मजबूत नहीं बनाया जिस क्रूर समय की मिटटी से यह जाबांज नरेंद्र भाई मोदी निकला है. विकिलीक्स से भी जान गए की अमेरिका तक को अपनी बात दृढ़ता और सौम्यता से कैसे कही जाती है.
  •  मित्रो आज देश में ऐसा प्रधानमत्री और सत्ता पक्ष की एक महारानी और युवराज है जिन्होंने एक भी बार पिछले एक पखवाड़े से चले आरहे जाट आन्दोलन के बार में एक शब्द नहीं कहा है. मुझे समझ नहीं आता जब दिल्ली के ही प्राण निकलने वाले है तो ऐसे में देश कर प्रधानमंत्री और सत्ता की महारानी श्री मति सोनिया गाँधी क्यूँ कर अभी तक एक शब्द नहीं बोले है. क्या राजनीती करते है यह लोग कभी कभी तो लगता है की देश को कांस्टेबल और होमगार्ड तो नहीं चला रहे है. जब देश में घटित जवलंत समस्याओ के बारे या उनके सुलझाव की बांते नहीं करोगे तो फिर राज पाट किस लिए. देश में विधयिका के सभी काम सुप्रीम कोर्ट को करने पड़ रहे है (जिसके की हम आभारी है) तब सांसद चुनने का ढोंग हम क्यूँ करे, जब सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों से ही कार्यपालिका चलेगी तो भी हर पांच साल में सांसद और विधायक चुनने के जहमत क्यूँ उठाई जाये.
मैं हर बार ब्लॉग में देश और हिन्दू के बारे में लिखता हूँ तो एक ही प्रशन टिपणी के रूप में मेरे सामने होता है की हल क्या है. तो मित्रो हल तो इस देश में एक राष्ट्रीय चरित्र गढ़ने का है और उसके गढ़ने के लिए देश के युवाओ को कोई रोल मोडल चाहिए और वो रोल मोडल आज के समय में श्री नरेंद्र मोदी जी है. 
  • बड़ी गंभीरता और शिदत के साथ कहेना चाहूँगा की देश को चलाने वालो की कमी नहीं, जिस हालत में देश आज चल रहा है उसमे कोई भी दिक्कत नहीं क्यूंकि इस देश के लोग अपने खून पसीने का हिसाब ही जब मांगने को तैयार नहीं तो देश का चलना और ना चलने बराबर है, देश को चलाने का सवाल है ही नहीं और इसी चलाने के ब्लेक मेल पर तो कांग्रेस और वामपंथियो के नापाक गठजोड़ बना था क्या हुआ ? एक कर्महीन और बदनसीब प्रधानमंत्री के हाथो सत्ता पौहुंच गई उस से क्या होगया? 
  • देश में इस प्रधानमंत्री की नालायेकी पर बिना मतलब बहस हो रही है, आप समझ लो कल के संसद के वक्ताओ में केवल और केवल मनमोहन सिंह गैंग के आदमी थे उसमे भी सोनिया गाँधी ने अपने गैंग के लोग भाड़े पर बोलने के लिए कल नहीं दिए. क्यूंकि सत्ता के अन्दर रहेते रहेते भी स्वार्थ के दो केंद्र बन गए है. इसलिए इस अकबर बीरबल की कहानिओ से देश को बहार निकालना है तो राष्ट्रीय चरित्र की बात करो और उसको सत्ता के केंद्र में बैठाओ. 
  • मित्रो समय ठीक नहीं है देश और धर्म को बचाना है तो एक मत हो कर द्रड़ता से श्री नरेंद्र भाई को देश का प्रधानमंत्री और श्री राम देव जी को राष्ट्रपति बना दिया जाये, एसा वातावरण तैयार हो.
जय भारत जय भारती.

13 comments:

  1. इन सब बातो को आम जनता तक कैसे पहुचाया जाये ? जो इंटरनेट से दूर हैं और भ्रम मई जी रही है मेरे खुद के घर मेरी माता का मानना है की कांग्रेस ही सही है क्युकी उनके बाप नाना कांग्रेसी थे (एक रूडी वाद वाला स्वर) ये श्रेणी के लोग कम पड़े लिखे है और रूडी हैं इनको कैसे समझाया जाये ??

    इनको सब बताओ भी तो बोलते है सब एक जैसे है कोई कम नहीं पर फिर भी कही न कही कांग्रेसी स्वर हैं आप इसका हल बताये ?
    या एक ऐसा ब्लॉग लिखे जिसमे दोनों पार्टी के हाल कामयाबी, किसने जादा किया और किसको परेशां किया अदि इत्यादि , भारत की वर्तमान स्थिति,जैसे पर कुछ ऐसे लिखे जो प्रमाण के साथ पेश किया जाये और संघ की छवि जिसको बदनाम करने की चौ तरफ़ा कोशिश है उनके अछे काम भी दिखे.

    पर उस तबके के लोगो तक कैसे पहुचाया जाये ये सब इस पर आप बताये सुझाये मैंने अपने ही घर के उदाहरण दे दिया आप विद्वान है कुछ अच्छा सुझाये.

    प्रणाम

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  2. राष्ट्रपति- श्री रामदेव जी
    प्रधानमंत्री- श्री नरेन्द्र मोदी जी
    यह सबसे अच्छा विकल्प है |

    देव जी के इस बात से मैं शत् प्रतिशत सहमत हूँ कि ये बातें आम लोगों तक उस परिमाण में नहीं पहुँच पा रही हैं जितने में पहुंचना चाहिए | यह समय और परिस्थिति की मांग है कि जनता विशेषकर युवावर्ग कांग्रेस की काली करतूतों को जाने पर वह जानने के लिए तैयार ही नहीं है | मैं एक इंजिनियरिंग कॉलेज में पढ़ता हूँ और जब भी ये बातें दोस्तों के बीच उठाता हूँ तो वे ऐसे-ऐसे तर्क देते हैं जैसे की भारत का बेड़ा संघ और सम्बंधित संगठनों ने ही गर्क कर रखा है | आधे से अधिक लोगों को तो ये बातें समझ में ही नहीं आती कि राजदीप, अर्नव, तेजपाल आदि कौन हैं |

    खैर सच्चाई अब थोड़ी आने लगी है और जब एक ही रास्ता हो तो उसी पर चलना चाहिए भले ही वो कितना भी लंबा हो | १००० साल की गुलामी रामदेव जी और मोदी जी के दस वर्षों की मेहनत से कैसे छिपेगी | उसी का असर मुझे दिख रहा है |
    भारत माता की जय !!!!!!
    वन्दे मातरम् !!!!!

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  3. आगे आगे देखिये होता है क्या...

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  4. त्यागी जी मैं आपकी बात से सो प्रतिशत सहमत हूँ, लेकिन थोड़ा इन्तजार करो शर्मनिरपेक्ष और कांग्रेसियों को आपका ये लेख पढने दो ऐसी ऐसी टिप्पणियाँ करेंगे की आप सोच में पड़ जायेंगे की मेने ये लेख लिख क्यों दिया, आपको एक हकीकत बताता हूँ गुजरात का मात्र दो-तीन प्रतिशत मुसलमान मोदी से नफरत करता है जबकि शेष हिन्दुस्तान का सौ प्रतिशत मुसलमान नरेन्द्र मोदी से नफरत करता है क्योंकि उसको वही हकीकत पता है जो उसको एन.डी.टी.वी ने या सरकार के चमचा समाचार पत्रों ने बताई है, अधिकतर गुजराती मुसलमान प्रगतिशील होते है इसलिए आप चिंता मत करो आपका और मेरा ये सपना अवश्य साकार होगा हिन्दू भी संगठित हो रहे है निश्चिन्त रहो कांग्रेस का वजूद समाप्त होने में ज्यादा समय नही बचा है.

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  5. hindu hi bharat ki pehchan hai.
    great sir.
    tyagi ji desh ko bachane ke liye kuch to karna hi hoga. aap apni alakh jaga kar rakhiye.

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  6. @shankar: please prove ?? that it is biased ??? or shut ur mouth and show ur stupid smartness some where else.

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  7. आगे आगे देखिये होता है क्या...

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  8. bhaajaapako apni antarik kalah chodkar utsaahi yuvakonko prachar kaaryame bhejnaa chahiye!
    jaise congres me rahul yuvaano ko vishwasme lerahe hai, usee taraha ham varun ko kyo nahee bhej sakte?

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  9. aur jo Gujrat mai Shiksha ka star gir raha hai uske liye kaun jimmedar hai.........

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  10. बिलकुल सही कहा त्यागी जी, अब देश को नरेंद्र मोदी जैसे प्रधानमंत्री की ही जरूरत है और जैसा शशांक भाई ने कहा , इसके लिए वरुण गांधी जैसे युवा लोगो को आगे भेजकर युवा संघटन को मजबूत बनाना चाहिए।

    वंदे मातरम , भारतमाता की जय .............

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  11. Sach kaha hai apne sir ji
    sir hamen apka ye posy kafi logon ko post kiya hai apko koi appti to nahi

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