Thursday, May 15, 2014

आख़िर बन ही गई भगवा गुंडों की सरक़ार

मोदी ज़ी के नेत्रित्व मे भाजपा और राजग की सरकार बनना तय है। तो जो सोशल साईट पर २००६ में कुछ धुन के पक्के और क्रांति के मतवालो ने शुरुवात की थीं सेक्यूलर गुंडों से लड़ने कि वो लडाई लगभग समाप्त हो जाती है अब सरकार चलाना और देश चलाना मोदी और टीम का काम है। तो हम क्या करे यह "भगवा गुंडे " यह ही नाम इनको दिया गया था उस समय बाद मे फ़िर इनकों इंटरनेट हिन्दु कहा गया ? अब क्यों देश के कर्णधारों को कुछ कहे जबकि उनके नेत्रित्व को हमनें समझा, सराहा और विश्वास किया। तो फिर हमारी जरुरत क्या है?  हाँ यह अलग बात है कि जिन दो चार लोगो ने यह शुरुवात कि थीं जीनके नाम और कार्य मैं विस्तार से लिखूंगा ने देश और हिन्दूओ की प्रताड़ना के बारे मे लिखना / बोलना / प्रतिकार करना शुरु किया था बड़ा ही दुष्कर और असंभव सा कार्य था जब हिन्दु लूट पिट रहा था और कुछ एक अखबारों मेँ हमारा मजाक उडता था उस समये मैने एक कहानी उनको सुनाई थी और आज एक बार फ़िर मै उसी कहानी को दोहराता हूं। 

!!!!!!!    त्रेता में जब भगवान राम "राम सेतु" बना रहे थे लंका चढ़ाई के लिये तब पूरी वानर सेना और अन्य अपने अपने तरीक़े से बड़े बडे पत्थर उठाना और अन्य कार्य कर रहे थे। राम सेतु बनाना बिलकुल ही असंभव कार्य था और न कोइ इंजीन्यरिंग थीं जैसे कि श्री करुनानिधि भी पुछते है कि राम कौन से कॉलिज से इंजिनियर था।  खैर वो बात अलग है कि उनको तमिलनाडु कि हार के बाद उसका जवाब जरुर मिल गया होगा।  तो राम जी यकायक एक गिलहरी को देखते है कि वो सुखे रेत मे लोटपोट होतीं है और समुन्द्र मे छलांग लगातीं है और यह सिलसिला लगातार कई दिन तक चलता है। भगवान राम को जब कुछ नहीं सूझता तो वो गिलहरी से पुछ बैठते है कि उसके इस तरह करने का कारण क्या है तो मित्रो गिलहरी कहती है कि है प्रभू श्री राम मै छोटा सा जीव जो कुछ उठा नही सकता आपके इस महान कार्य लंका चढ़ाई मेँ क्या सहयोग करू ऐसा विचार कर मैने निश्चय किया कि अपने शरीर पर जितना बालू हो लपेटकर समन्दर मेँ रास्ते पाटूंगी और आपकी सेना का सहयोग करूंगी। और एक दिन इस बालू से आपका रास्ता तैयार हो जायेगा और आप लंका मेँ प्रवेश कर पाएंगे।  ऐसा सुन भगवान श्री राम कि आँखों से अविरल अश्रु धारा बहने लगती है। और वो दोनों हाथ से गिलहरी को ऊठा कर उसके त्याग और प्रयास से अभिभूत हो उसका हृदय से आभार प्रकट करते है। 

खैर मित्रो जब कांग्रेस और सेकूलर गुंडे थम्पिंग मेजोरिटी से देश मे हिन्दूओ को ग़ाली दे रहे थे और हिन्दु शब्द को बेमानी बानाने की कोशिश कर रहे थे जब इन छोटी छोटी सोशल मीडिया कि गिलहरिओ ने अपने कार्य शुरु किया था जो अनवरत जारी है सरकार आती है जातीं है परन्तु देश और धर्म शाश्वत है और अटल है। यह ही वो ५० करोड़ भगवा गुंडे और आतंकवादी है जिन्होने देश को मजबूत और सशक्त सरकार देने कि जुरत कि है। हिन्दू गुंडा और आतंकवादी नही यह ही बात बताने के लिये इन गिलहरिओ ने इतना सब्र और सहास दिखाया जिसकों मीडिया ने 
"मोदी लहर" का नाम दिया। 

उम्मीद है देश का शासन इन गिलहरिओ को अपना कार्ये करते रेहने देंगा जब बीजेपी सरक़ार और मोदी देश चलाएंगी तो यह गिलहरियाँ इनकों अपना सहयोग इसी रुप मे निस्वार्थ और अनाम बनकर देती रहेंगीं। 

मेरा यह कार्य संघ के उन अनाम और जीवट स्वयंसेवको को समर्पित है जो दिन रात देश कि निस्वार्थ सेवा में नीव के पत्थर बन इमारत कि खूबसूरती और मजबुती के लिये अपने अस्तित्व को खपा देते है। और आज जिन्होंने भारत को नए युग में प्रवेश करा दिया। 

उनको मेरा कोटि कोटि प्रणाम।   

जय भारत जय भारती 

3 comments:

  1. badhai ho tyagi ji bjp ka ab taka sarvashreshth pradarshan

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
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    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (17-05-2014) को ""आ गई अच्छे दिन लाने वाली एक अच्छी सरकार" (चर्चा मंच-1614) पर भी होगी!
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    जनतऩ्त्र ने अपनी ताकत का आभास करा दिया।
    दशकों से अपनी गहरी जड़ें जमाए हुए
    कांग्रेस पार्टी को धूल चटा दी और
    भा.ज.पा. के नरेन्द्र मोदी को ताज पहना दिया।
    नयी सरकार का स्वागत और अभिनन्दन।
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    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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